धूप और बारिश

 धूप दिखा के भिगो देते हो!

हे प्रभु युग बीत गए पर छल की आदत नहीं गयी,

हम सूरज दादा को दुआ देते रह गए,

निगोड़े बादलों को कोसते रह गए,

पर क्या पता था इन सब के पीछे आपका चरित्र है,

परेशान रहते थे इसी आपके चरित्र से देव और दानव,

तो हमारी क्या विसात है हम तो ठहरे मानव,

और इस मानव युग मे कोरोना छाया हुआ है,

भीगने से सर्दी जुकाम और बुखार आया हुआ है,

पर आपको क्या आप मुस्कराओ,

यमराज से बोल कर विकेट पर विकेट गिराओ,

आपको कौन सा आइसोलेशन में जाना है,

आपको तो इंद्र लोक में अप्सराओं के साथ चैन की बंशी बजाना है,

विनती है प्रभु धूप और बारिश का समय बाट दो,

जब धूप हुई हो तो बारिश का कनेक्शन काट दो।

#इंद्र_देवता

मेरी✍️से

सज्जन सिंह

18.08.2020

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