स्वतंत्रता की पावन बेला…..!!!
स्वतंत्रता की पावन बेला…..!!!
हे जन इस बेला में वह, ओज फिर दिखला दो।
नवभारत की नींव हिल रही, इसको जरा टिका दो।
जात-पात से दूर एक, समृद्धि समाज बना दो।
अंग्रेज तो चले गए, अंग्रेजियत जरा मिटा दो।
कृष्ण-राम की धरा में, नवचेतना का दीप जला दो।
नव विधान का संविधान, फिर से एक बना दो।
मेरी ✍️से
सज्जन सिंह
14.08.2021
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