भाई….!!!
भाई….!!!
भाई तुम किधर चले गए,
न फोन किये न बात किये,
न मन के कुछ जज्बात कहे,
बोले थे कल बात करूंगा,
कुछ भूली बिसरी याद करूंगा,
वादा था साथ गांव चलेंगे,
खूब घूमेंगे सब याद करेंगे,
पर अपना वादा तोड़ दिए,
हम सब को अकेला छोड़ दिये,
कही अनकही यहीं रह गयी,
मंजिल अपनी यहीं ढह गयी,
चिरनिद्रा में लीन हो गए,
रौनक भी सारी विलीन कर गए,
क्या होली और दीवाली लगे,
जब मन उदास जग खाली लगे।
मेरी ✍️से
सज्जन सिंह
01.03.2021
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